आबादी और मुख्य मार्ग के आसपास शराब की बिक्री पर उठे सवाल, जिम्मेदार अधिकारी को अपडाउन से नहीं मिलती फुर्सत केवल कार्यवाही का पीट रहे ढिंढोरा द न्यूज 9 डेस्क। जबलपुर। सिहोरा। ग्राम पंचायत दर्शनी के ग्राम गुरजी रोड में सड़क किनारे बनी एक झोपड़ी से शराब बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यदि सड़क किनारे इस तरह शराब की बिक्री हो रही है, तो सवाल यह है कि संबंधित विभाग को इसकी जानकारी है या नहीं? और यदि जानकारी है, तो अब तक क्या कार्रवाई की गई? क्या विभाग बड़ी अनहोनी के इंतजार में बैठा है।
ग्रामीण जनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि काफी लम्बे समय से ग्राम गुरजी में अवैध शराब की बिक्री सड़क के किनारे बनी एक झोपड़ी से धड़ल्ले से खुलेआम चल रही है जिससे गाँव में अशांति का माहौल बना हुआ है और आयदिन शराबखोरी से घरों में विवाद आम बात हो गई है परन्तु आबकारी विभाग सो रहा है। जिसके चलते अवैध शराब बेचने वालों के हौसले बुलंद है।
स्थानीय स्तर पर इस तरह की गतिविधियों को लेकर निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है। ऐसे में सड़क किनारे झोपड़ी से कथित रूप से शराब की बिक्री होने की स्थिति में विभाग की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विभाग की कार्रवाई का इंतजार
अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और मौके की जांच कर क्या कदम उठाता है। इस मामले पर जब आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आर एस मरावी से सम्पर्क किया गया तो उनके द्वारा कॉल नहीं उठाया गया ।
वहीं हाल ही में आबकारी विभाग सिहोरा की कार्यप्रणाली को लेकर जब खबर प्रकाशित की गई थी तो आबकारी विभाग के जिम्मेदार साहब जमकर कार्यवाहियों का ढिंढोरा पीटने में लगे थे । जबकि अगर कार्यवाही हो रही होती तो अवैध शराब माफिया पर विभाग का खौफ भी रहता यहां तो ना कार्यवाही का पता है न शराब माफिया में विभाग का खौफ है क्योंकि साहब तो जबलपुर से आते है और चले जाते है और कार्यवाही के नाम पर सिहोरा में केवल खानापूर्ति का खेल चल रहा है ऐसे में केवल ढिंढोरा पीटने से कार्यवाही नहीं होती




