द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर। मध्य प्रदेश के शिक्षकों को इन दिनों साइबर सेल, भोपाल के नाम से आ रहे फर्जी कॉल्स ने परेशान कर रखा है। इन कॉल के जरिए अज्ञात ठग शिक्षकों को डरा-धमका कर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने शिक्षकों के बीच मानसिक तनाव और डर का माहौल पैदा कर दिया है।
फर्जी कॉल का तरीका और धमकी
सिहोरा , खितौला में पदस्थ शिक्षक योगेंद्र कुमार मिश्रा ने हाल ही में ऐसी ही एक फर्जी कॉल का अनुभव साझा किया। रविवार, 21/9/2025 को सुबह 9रू06 बजे उन्हें +919201238950 नंबर से एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को साइबर सेल, भोपाल का अधिकारी बताया और कहा कि गूगल क्रोम पर उनकी इंटरनेट गतिविधि की जांच की गई है। अज्ञात कॉलर ने उन पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाने और नौकरी से निलंबित (सस्पेंड) करने की धमकी दी। उसने बताया कि इस संबंध में कार्रवाई का पत्र उनके बी.ई.ओ. (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) और बी.आर.सी.सी. (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर) को भेजा जा रहा है।
शिक्षकों में भय और मानसिक परेशानी
इस तरह की फर्जी कॉल की पहचान होते ही, योगेंद्र कुमार मिश्रा ने तुरंत फोन काट दिया। लेकिन, इस घटना ने शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कई अन्य शिक्षकों ने भी इसी तरह के फर्जी कॉल आने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि ये कॉल उनके लिए मानसिक परेशानी का सबब बन रही हैं, क्योंकि इसमें नौकरी और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही है। शिक्षकों का मानना है कि ठग जानबूझकर ऐसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि लोग डरकर उनकी बातों में आ जाएं और पैसे दे दें।
बचने के उपाय और आवश्यक जानकारी
पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कॉल से बचने के लिए लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। साइबर सेल या पुलिस कभी भी फोन पर जुर्माना या पैसे की मांग नहीं करती। किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और न ही किसी प्रकार के वित्तीय लेन-देन के लिए सहमत हों। यदि आपको कोई ऐसी संदिग्ध कॉल आती है, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। इससे न केवल आप सुरक्षित रहेंगे, बल्कि पुलिस को ऐसे गिरोहों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी।


















































































