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केंद्रीय पर्यवेक्षक के सम्मुख कहा सिहोरा जिला नहीं बनाया तो हारना तय

द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा। बीस वर्ष पहले सिहोरा को जिला बनाने की संपूर्ण विभागीय प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री और उसके बाद भाजपा की मुख्यमंत्री के द्वारा जिला घोषित होने के बाद भी सिहोरा जिला की अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है।बीस वर्ष के लगातार भाजपा चुनने के बाद भी यदि इस बार विधानसभा चुनाव के पहले सिहोरा को जिला का दर्जा देते हुए अंतिम अधिसूचना का प्रकाशन नहीं किया जाता तो पार्टी को जन आक्रोश का सामना करना पड़ेगा और भाजपा की सिहोरा से हार सुनिश्चित है।
उक्त बात लक्ष्य जिला आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सिहोरा क्षेत्र की नब्ज टटोलने भेजे गए प्रवासी विधायक निरंजन दावखरे से यशराज होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।प्रवासी विधायक ने भी समिति के समस्त दावों को ध्यानपूर्वक सुना और सभी दस्तावेज भाजपा के केंद्रीय संगठन तक पहुंचाने सुरक्षित कर लिए।
रोज दो ग्राम पंचायतों का दौरा,- लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के कृष्णकुमार कुररिया घोषणा की कि अब क्रमिक भूख हड़ताल के साथ-साथ प्रतिदिन दो से पांच ग्राम पंचायतों का दौरा करके उन्हें सिहोरा जिला आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा। इस हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत का टाइम टेबल भी समिति द्वारा तैयार कर लिया गया है।
ये बैठे भूख हड़ताल पर– मंगलवार हुई क्रमिक भूख हड़ताल पर समिति के अनिल जैन, संतोष पांडे, ऋषभ द्विवेदी, प्रदीप दुबे, नत्थू पटेल, अजय विश्वकर्मा, विशु गौतम मोहन सोधिया ,बैठे जिन्हें अधिवक्ता संघ के राजभान मिश्रा ने शाम 5रू00 बजे केला खिला कर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई।

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