द न्यूज़ 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा। सिहोरा नगर की लगभग आधी आवासीय बस्तियों का दूषित एवं बरसाती पानी भदौहा तालाब में जाता रहा है और ओवरफ्लो होने के बाद यह गंदा पानी किसानों के खेतों में पहुंचता था। जिसे किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो जाती थी, एवं वहां के रहवासी इलाके में भी पानी भर जाता था। जिसको लेकर लंबे समय से वहां के रहवासी एवं किसान दूषित पानी की निकासी का स्थाई निराकरण करने निर्माण की मांग कर रहे थे, जिस पर नगर पालिका परिषद सिहोरा द्वारा टेंडर निकालकर नाला निर्माण का कार्य मझौली वायपास में डॉक्टर बृजपुरिया से लेकर वाह्य नाला तक जोड़ने के लिए 1 करोड़ 55 लाख की लागत से प्रारंभ कराया गया और नाला निर्माण का ठेका संजीव मिश्रा को मिला और और कार्य कछुआ चाल से प्रारंभ हुआ और नाला निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही यहां के रहवासियों और किसानों सहित आम नागरिकों के लिए जी का जंजाल साबित होने लगा


जगह-जगह पड़ गई दरारें दिख रही सरिया
निर्माणाधीन नाले में अनेक स्थानों पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है और अभी बहुत सा कार्य बाकी है परंतु ठेकेदार की लापरवाही और घटिया कार्यप्रणाली के चलते अनेक स्थानों पर नाले में ऊपर की तरफ बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई और अनेक स्थानों पर सरिया भी निकल चुके हैं परंतु ठेकेदार द्वारा अपनी करतूत को छुपाने और इस घटिया निर्माण में लीपापोती करने मिट्टी से ढंक दिया गया,

तो वहीं दूसरी तरफ पूरा नाला बनने के पहले ऐसा प्रतीत होता है कि लेआउट वर्क नहीं हुआ और नाला का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया क्योंकि पूरा नाला लहराते हुए बन रहा है और रहवासियों ने यह भी बताया कि ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है और अनेक स्थानों पर कटे पेड़ के बड़े-बड़े ठूठे नाला के बीचो-बीच लगे हैं और ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य किया जाने लगा, जबकि पहले ठूठे हटवा कर लेआउट डालकर कार्य करवाना था, परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि शासकीय पैसे की होली खेली जा रही है,

निर्माणाधीन नाला की ऊँचाई पर लग रहे प्रश्न चिन्ह?
नाला निर्माण ठेकेदार द्वारा जब पेड़ के ठूठे बिना हटवाए ही निर्माण कार्य चालू करा दिया गया और वही नाला इतना ऊंचा बना दिया गया कि लगता है नगर का गंदा पानी बाहर भेजने की जगह नगर में गंदा पानी लाने का कार्य चल रहा है, ऐसा प्रतीत होता है कि नगर में उल्टी गंगा बहाई जाने की पूरी तैयारी है,

और करोड़ों रुपए की होली हो रही है तो वहीं जब इस मामले में नगरपालिका के जिम्मेदार इंजीनियर आरपी शुक्ला से नाला निर्माण को लेकर बात की गई तो उन्होंने नाला निर्माण कार्य की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि नाले में कोई कमी या खामी नहीं है सब ठीक चल रहा है बस एक जगह दरार है उसे ठीक करा दिया जाएगा, जबकि वास्तविक रूप में वहां के रहवासियों ने बताया कि नाला बनने के बाद नाला नगर के लिए शोभा की सुपारी बनकर रह जाएगा क्योंकि जिस उद्देश्य से इसका निर्माण होना था वह पूर्ण ही नहीं हो पाएगा।


















































































