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मंडी व्यापारियों की हड़ताल: लगभग 20 लाख से अधिक का व्यापार प्रभावित

द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा। मंडी फीस दर एक फ़ीसदी करने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर मध्य प्रदेश सकल अनाज तिलहन व्यापारी महासंघ के आह्वान पर सिहोरा अनाज व्यापारी कल्याण संघ के व्यापारी सोमवार से बेमियादी हड़ताल पर रहे। अनाज व्यापारियों की हड़ताल के चलते कृषि उपज मंडी शेड सूने पड़े रहे, वही अनाज की नीलामी नहीं हुई। मंडी व्यापारियों की हड़ताल के चलते कृषि उपज मंडी सिहोरा में करीब 20 लाख रुपए से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ, वहीं करीब डेढ़ लाख के मंडी शुल्क के नुकसान का नुकसान हुआ।

सिहोरा अनाज व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष दिलीप जौहरवानी, संरक्षक प्रकाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज पहारिया, कार्यकारिणी सदस्य रमेश तिवारी, मुकेश चौरसिया, रितेश जानवानी, सुधीर जैन, बद्री असाटी, धनराज बजाज ने बताया कि मंडी के व्यापारियों के द्वारा बीते दो सालों से अपनी समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन को अवगत कराया जाता रहा है, लेकिन समाधान नहीं होने के चलते मंडी के सभी व्यापारियों में अनाज तिलहन महासंघ के आह्वान पर हड़ताल शुरू कर दी।

मुनादी कराकर किसानों को दी खरीदी नहीं होने की सूचना

मंडी में उपज बेचने आने वाले किसानों को हड़ताल की वजह से होने वाली परेशानियों से बचने मंडी प्रशासन मुनादी के माध्यम से किसानों को सोमवार को मंडी में खरीदी नहीं होने की सूचना कर दी गई थी। जिसके चलते सोमवार को इक्का दुक्का किसान ही उपज लेकर मंडी पहुंचे।

ये हैं प्रमुख मांगें

मंडी समितियों में पूर्व से आवंटित भूमि या संरचनाओं पर भूमि एवं संवरचना आवंटन नियम-2009 लागू नहीं किया जाए। कलेक्टर गाइडलाइन से लीज दरों का निर्धारण नहीं रखकर नॉमिनल दरें रखी जाएं। मंडी फीस दर एक प्रतिशत की जाए। निराश्रित शुल्क समाप्त किया जाए। मंडी अधिनियम की धारा 19 (2), धारा 19 (8), धारा 46 (ड) एवं धारा 46 (च) में संशोधन-2 विलोपन किया जाए।लाइसेंस प्रतिभूति की अनिवार्यता हटाई जाए। वाणिज्य संव्यवहार की पृथक अनुज्ञप्ति व्यवस्था एवं निर्धारण फीस रुपए 25 हजार रुपए की वृद्धि समाप्त कर पूर्व फीस 5 हजार रुपए बहाल की जाए। मंडी समितियों को धारा 17 (2) (14) और 30 में प्रदत्त अधिकारी एवं शक्तियों को यथावत रखा जाए। लेखा सत्यापन / पुनरू लेखा सत्यापन की कार्रवाई खत्म की जाए। कृषक समिति प्रतिभूति बढ़ाने के दवाब पर रोक लगाई जाए। धारा 23 के अंतर्गत गाड़ियों को रोकने की शक्ति प्रावधान की परिधि के बाहर जाकर मंडी बोर्ड कार्यालय स्तर से गठित किए जाने वाले जांच दलों पर रोक लगाई जाए।

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