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हरियाणा: निकिता के दोषी तौसीफ और रेहान को उम्रकैद, घटना के 151 दिन बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा, मां ने कहा- फांसी हो

 द न्यूज़ 9 डिजिटल डेस्क, फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। सरताज बसवाना की कोर्ट ने शाम करीब पौने चार बजे दोनों दोषियों तौसीफ और रेहान को उम्रकैद और 20-20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि ऐसा माना जा रहा था कि दोनों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी। फैसले की सबसे खास बात यह रही कि वारदात पिछले साल 26 अक्टूबर को हुई थी। हत्याकांड के 151 दिन बाद 26 तारीख को ही कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

तौसीफ और रेहान को उम्रकैद नहीं फांसी हो, आगे करेंगे अपील
सजा के ऐलान के बाद निकिता की मां विजयावती ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इस मामले में आगे अपील करने की बात कही। उन्होंने दोषियों के लिए फांसी की मांग की। निकिता की मां ने कहा कि हम दोषियों को फांसी दिलवाएंगे।

कोर्ट ने हत्या के मामले में IPC की धारा-302 के तहत दोनों दोषियों को उम्रकैद और 20-20 हजार जुर्माने की सजा का आदेश दिया है। IPC 366, 34 और 511 में पांच-पांच साल की कैद और 2-2 हजार रुपए जुर्माना तय किया गया है, 120B में पांच-पांच साल की कैद और 2-2 हजार रुपए जुर्माने के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27A में भी दोनों को चार-चार साल की कैद और 2-2 हजार जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया गया।

मालूम हो कि 26 अक्टूबर 2020 को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में निकिता तोमर की कॉलेज के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में 55 गवाह पेश किए गए थे, जिसमें दो बचाव पक्ष की तरफ से थे। इस मामले का ट्रायल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हुआ था। लंबी बहस के बाद 24 मार्च को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। सुनवाई शुरू होने के पंद्रह मिनट के भीतर ही अदालत ने तौसीफ, रेहान को दोषी करार दे दिया था।

तीन माह 22 दिन तक चली सुनवाई
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर इस केस की सुनवाई तीन माह 22 दिन लगातार चली। एक दिसंबर 2020 को पहली गवाही कराई गई। इसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा शामिल हुए थे। पीड़ित पक्ष की ओर से 55 लोगों ने गवाही दी। इसमें परिवार के सदस्यों, कॉलेज के प्रिंसिपल समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हुए। बचाव पक्ष ने दो दिन में अपने दो गवाह पेश किए और उनके बयान दर्ज कराए। 23 मार्च 2021 को दोनों पक्षों की ओर से गवाही पूरी हो गई थी|

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