द न्यूज़ 9 डेस्क।कटनी।ढीमरखेड़ा। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टोला में पदस्थ सचिव सुरेश काछी बिल लगा रहा इसके पूर्व में बम्हनी में रहते हुए इनके द्वारा जमकर भृष्टाचार किया गया था । सचिव सुरेश काछी के कारनामें जग- जाहिर हैं। ग्राम पंचायत बम्हनी में पदस्थ रहते हुए सुरेश काछी ने जमकर चांदी काटी इतना ही नहीं करोड़ो में खेलकर ग्राम पंचायत बम्हनी से अपना स्थानांतरण समय रहते ग्राम पंचायत टोला करवा लिया क्योंकि ग्राम पंचायत बम्हनी की जनता अब जाग चुकी थी तब सचिव सुरेश काछी खतरा को देखते हुए सुरक्षित स्थान ग्राम पंचायत टोला पहुंच गए। ग्राम पंचायत टोला पहुंचते ही आचारसंहिता में जमकर राशि निकाली, जब मौका मुआयना किया गया तो पाया गया कि काम तो कुछ नहीं हुए बस दाम निकल रहे हैं। अभी भी यही हाल हैं केवल भुगतान हों रहा हैं , काम कुछ नहीं करवाया गया। बड़ा आश्चर्य तो इस बात को लेकर है कि जब काम नहीं करवाया गया तो राशि किस बात की निकाल रहे हैं। कही न कही कार्य न होने पर शासन- प्रशासन की राशि आहरित करना शासन-प्रशासन के जेब में डाका डालने जैसा है।
बहरहाल ग्राम पंचायत बम्हनी में रहते हुए इनके सैकडों कारनामें भृष्टाचार के जगजाहिर है।
गौरतलब हैं, कि- आचारसंहिता लगने के पूर्व बिना किसी निर्माण कार्य के सचिव सुरेश चंद्र काछी के द्वारा दिनाक 28.05.2022 को राशि 1,27,000 एवं 23,300 रूपये दिनाँक 20.05.2022 को राशि 15000 दिनाँक 19.05.2022 को राशि क्रमशः- 62900,/- 70,000/- 35,000/- 26,000/- 2,986/- 14,923/- 24,000 और अभी 35,000 की राशि आहरित की गई। इस संबंध में ग्रामीणो द्वारा बताया गया कि गांव में ऐसा कोई काम ही नहीं कराया गया हैं, इसके बाद भी शासन के पैसो की होली खेली जा रही हैं।
इसके पूर्व में ग्राम पंचायत बम्हनी में पदस्थ रहते हुए प्रधानमंत्री आवास अपने हितैशियों को दिया गया। जहां पर सरकार ने मनरेगा को लोगों का जीवन- यापन का साधन बनाया तो जिम्मेदारो ने अपने जीवन- यापन का साधन बना लिया। फर्जी हाजरी लगाकर लाखों रूपये कमा लिए। इसी प्रकार शौचालय में भी इनके द्वारा जमकर भृष्टाचार किया गया था।
4 लाख 95 हजार के ग्राउंड की राशि डकार गए, जिसकी शिकायत कलेक्टर के पास की गई हैं। जिम्मेदारों की साठ- गांठ से अतिक्रमण को भी अंजाम दिया गया जिसके चलते तहसीलदार के द्वारा बुल्डोजर चलाया गया।अभी तो इनके कारनामें की चंदलाइन हैं, अभी आगे और कारनामों का काला चिट्ठा जल्द उजागर होगा।


































































































































































