द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर। सिहोरा। सिहोरा विधानसभा चुनाव 2023 में बागियों ने जो चुनावी समीकरण गणित बैठाया था। और सिहोरा की राजनिति में अपनी रोटी सेकने बागियों ने मिलकर एक बागी को चुनाव मैदान में उतारा था। कि शायद कुछ समीकरण बिगाड़ पायेगे, और बागी निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार प्रसार भी करने की बात कहकर पार्टी ने तो उन्हे बाहर का रास्ता दिखा दिया। तो किसी को कारण बताओं नोटिस भी जारी करके तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। तो वहीं अब बागी प्रत्याशी भी इस आसमंजस में है कि समीकरण बिगाड़ने वालों का खुद का समीकरण बिगड़ा पड़ा है। तो अब आगे की नैया कैसे पार होगी। और निर्दलीय प्रत्याशी का मार्गदर्शन करने वाले बुद्धिजीवियों का अब क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता।
कथरी ओढ़ गुड़ खाने चली थी चाल
ऐसी जन चर्चा है कि बागी द्वारा एक पार्टी से टिकट मांगी गई थी और कुछ समाजसेवी कहे जाने वाले कार्यकर्ताओं ने कथरी ओड़ कर गुड खाने के चक्कर में बागी का नाम सिहोरा विधानसभा में जमकर उछाला था। ताकी दलगत राजनिती की रोटियां सेंकी जा सकें। परंतु पार्टी के एक जनसभा के दौरान एक बात समाने आई की उस बागी को जबरन का हीरों बनाकर पेश किया गया जबकि वह पार्टी का सदस्य तक नहीं था। तो ऐसे में साफ और स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है। की पूरी चाल राजनिति में कथरी ओड़ कर गुड़ खाने की थी। परंतु पकड़े गए।


















































































