द न्यूज 9ं जबलपुर। सिहोरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंडल स्तर पर ग्राम अगरिया में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने हिंदू धर्म को केवल एक जाति न मानकर संस्कृति और जीवन-शैली बताया।
मुख्य वक्ता संत ब्रम्हानंद ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू धर्म विविधता में एकता का प्रतीक है, जिसकी जड़ें भारत की सनातन परंपरा और दर्शन में हैं। उन्होंने समाज से जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव को समाप्त कर भाईचारे और अपनेपन की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही सामाजिक जुड़ाव और आपसी मेलजोल बढ़ाकर धर्मांतरण जैसी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया।
जिला प्रचारक अतीश ने कहा कि संगठित हिंदू समाज ही भारत को विश्व गुरु बना सकता है। इसके लिए संस्थाओं और व्यक्तियों के बीच मजबूत संबंध आवश्यक हैं। मातृशक्ति अरुणा पांडे ने कहा कि सनातन संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा देना, उन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना तथा उनमें राष्ट्रभक्ति और भारतीयता जागृत करना ही हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य है।
सम्मेलन में विधायक संतोष बरकड़े, पूर्व विधायक दिलीप दुबे, जिला पंचायत सदस्य अंजलि गोलू पांडे, मंडल अध्यक्ष पवन गुप्ता, घुटना सरपंच के.के. दुबे, अगरिया सरपंच मनीषा नंदलाल कोल, टिकरिया सरपंच मीणा रामदयाल काछी, करणी सेना प्रमुख पप्पू चौहान, रुद्र त्रिपाठी, विष्णु गुप्ता, मुकेश काछी, जगन्नाथ साहू सहित ग्राम अगरिया, घुटना, टिकरिया व घुघरी पंचायतों से बड़ी संख्या में सनातनी उपस्थित रहे।


































































































































































