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75 वें रविवार भी जारी रहा सिहोरा जिला आंदोलन, 9 की बजाय अब 10 अप्रैल को होगी महारैली

द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा। सिहोरा :-सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का धरना एवं प्रदर्शन 75 वें रविवार भी लगातार जारी रहा। समिति ने अपने धरना प्रदर्शन में सरकार पर सिहोरा की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए घोषणा की कि अब आर-पार की लड़ाई का शंखनाद करते हुए विशाल आम सभा और महारैली 9 अप्रैल की बजाय सोमवार 10 अप्रैल को निकाली जाएगी।
सिहोरा मझौली ढीमरखेड़ा और बहोरीबंद रहेंगे शामिल- लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के नागेंद्र क़ुररिया ने अपने संबोधन में बताया कि 10 अप्रैल को होने वाली आमसभा में संपूर्ण सिहोरा मझौली ढीमरखेड़ा और बहोरीबंद विकास खंड के सभी नागरिक भारी संख्या में सम्मिलित होंगे । विदित हो कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 11 जुलाई 2003 को जारी राजपत्र में इन चारों विकास खंडों को सिहोरा जिला में शामिल करते हुए चतुर सीमा का निर्धारण करने वाला राज्यपाल के हस्ताक्षर युक्त राजपत्र का प्रकाशन किया गया था। उसके बाद 1 अक्टूबर 2003 को मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने सिहोरा जिला की विधिवत मंजूरी दी थी। अंतिम अधिसूचना जारी होने के पूर्व विधानसभा आचार संहिता लग जाने के कारण 26 जनवरी 2004 को लागू होने वाला सिहोरा जिला आज 19 वर्षों बाद भी जिला बनने से वंचित है। शिवराज सरकार से ही लेकर रहेंगे- सिहोरा जिला आंदोलन किसी को हराने या जिताने का आंदोलन नहीं है ।लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के मानस तिवारी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वर्तमान का डेढ़ वर्षों से चल रहा आंदोलन किसी की सरकार बनाने या किसी की सरकार गिराने का आंदोलन नहीं बल्कि जिस सरकार को सिहोरा की जनता ने विगत 20 वर्षों से सिहोरा की सत्ता सौंपी है उससे क्षेत्र के सम्मान को प्राप्त करने का संघर्ष है, इसे राजनीतिक दृष्टि से देखा जाना नहीं चाहिए।हर हाल में इसी सरकार से इसी कार्यकाल में सिहोरा जिला लेकर रहेंगे।
जिला बनने तक जारी रहेगा आंदोलन- समिति के अनिल जैन अमित बक्शी, राम लाल यादव, राम जी शुक्ला ने दोहराया जब तक सिहोरा जिला नहीं बन जाता उनका यह आंदोलन इसी प्रकार से निरंतर जारी रहेगा आगामी 10 अप्रैल को होने वाली रैली तक अगर मध्य प्रदेश सरकार ने सिहोरा को जिला नहीं बनाया तो फिर सरकार को सरकार की ही भाषा में समझाते हुए आंदोलन को नई दिशा दी जाएगी । आंदोलन में समिति के कृष्ण कुमार क़ुररिया, रामजी शुक्ला अजय विश्वकर्मा नत्थू पटेल, सुशील जैन सुरेंद्र चौहान गौरी राजें, पन्नालाल सहित अनेक सिहोरावासी मौजूद रहे

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