द न्यूज़ 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा।सिहोरा दीपों का पर्व दीपावली सकुशल संपन्न होने के बाद धार्मिक पर्व श्रंखला आगे बढ़ी और अगले दिन गोवर्धन पूजा, भाई दूज की धूम मची। गुरुवार को भाई-बहन के प्रेम स्नेह का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर टिका लगाकर लंबी उम्र कीे कामना की तो वहीं भाइयों ने भी बहन को उपहार भेंटकर उनकी रक्षा का वचन दिया।कई जगह बहिनों ने भाई के माथे पर हल्दी चूने का तिलक लगाया।भैया दूज त्योहार का उल्लास सुबह से ही बहनों में देखने को मिला। बहनें भाइयों की लंबी उम्र के लिए उपवास रखकर उन्हें हल्दी चूने का तिलक कर आरती उतारी तो वहीं हल्दी चंदन का तिलक भाइयों के माथे को अलंकृत करता दिखा। भाइयों का मुंह मीठा कर बहनों ने ईश्वर से उनकी दीर्घायु तथा सुख व समृद्धि जीवन की कामना की। बहनों के इस अटूट प्रेम में भाई भी पीछे नहीं रहे। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट कर उन्हें आजीवन रक्षा एवं सहयोग का वचन दिया। भाई बहन का स्नेहिल व्यवहार देखकर घर के बड़े बुजुर्ग भी प्रसन्न हुए।
इसीलिये लगाते हल्दी-चूने का तिलक
दरअसल, दूज का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। हल्दी और चूना दो अलग-अलग रंगों के बीच प्रेम का बड़ा प्रतीक है। जब दोनों मिलते हैं तो दोनों अपना अपना रंग भूलकर एक नया रंग बन जाते हैं। हल्दी अपना पीलापन छोड़ देती है और चूना अपनी सफेदी छोड़ देता है। भक्त कवि रहीम ने इस प्रेम को एक दोहे में पिरोया है।रहिमन प्रीति सराहिए मिले होत रंग दून। ज्यों जरदी हरदी तजै तजै सफेदी चून।। गाँधीग्राम के रामजानकी मन्दिर में ग्राम की बहुत सी बहिनो ने पहले चारोधाम मन्दिर में अष्ट धातुओं से निर्मित भगवान श्री कृष्ण लड्डू गोपाल की नयनाभिराम मूर्तियों को तिलक वन्दन कर पूजा की फिर घरों में अपने भाइयों को भाईदूज का तिलक वन्दन किया।


































































































































































