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चारागाह मद की भूमि को कब्जा मुक्त कर नियम विरुद्ध दे दिया खनिज कंपनी को

भूमि को केवल गोवंश के लिए सुरक्षित किए जाने की मांग, मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने पर जन आंदोलन की दी चेतावनी

द न्यूज़ 9 डेस्क जबलपुर।सिहोरा। एक तरफ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए गौशाला में बनवा रहे हैं और गौशालाओं को फंड भी मुहैया करा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने चारागाह मद की भूमि को कब्जा मुक्त करा कर नियम विरुद्ध एक खनिज कंपनी को दे दिया। इस मामले को लेकर किसान समाज संगठन ने सोमवार को कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वही चरागाह की भूमि को गोवंश के लिए सुरक्षित करने की बात कही। ऐसा नहीं होने पर किसान समाज संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह इस मामले को लेकर जन आंदोलन करेंगे।

ये है पूरा मामला

किसान समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीवान जितेंद्र, सचिव अकलेश शारदानंद, गौ सेवा समिति के सदस्य संतोष वर्मा ने बताया कि सिहोरा तहसील की ग्राम पंचायत टिकरिया नवीन के ग्राम झींटी के अंतर्गत खसरा नंबर 461 के 3. 24 हेक्टेयर (लगभग 8 एकड़) भूमि जो शासकीय रिकॉर्ड में मध्य प्रदेश शासन चारागाह मद में दर्ज है। संबंधित भूमि को प्रशासन ने कब्जाधारियों से मुक्त करा कर पेसिफिक प्राइवेट लिमिटेड खनिज प्लांट को दे दी। जो की पूरी तरह नियम विरुद्ध है क्योंकि इस भूमि को केवल गोवंश के लिए सुरक्षित रखा गया था प्रशासन ने आखिर किस नियम के तहत उक्त शासकीय भूमि को खनिज प्लांट को दे दिया।

भू राजस्व संहिता का किया गया घोर उल्लंघन

संगठन के शुभम दुबे, मनीष विश्वकर्मा, छोटे पटेल, सुमित राय, आनंद पटेल ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 के अंतर्गत विशेष उपबंध अधिनियम 1984 का इस मामले में घोर उल्लंघन किया गया है। ज्ञापन में बताया गया कि इस चारागाह मत की भूमि को शीघ्र अतिशीघ्र पेसिफिक कंपनी से मुक्त किया जाए, एवं गोवंश के लिए सुरक्षित किया जाए। साथ ही संपूर्ण जिले की चारागाह मत की भूमि को भी कब्जे धारियों से मुक्त कराकर गोवंश के जीवन को बचाने के लिए सुरक्षित किया जाए। आखिर प्रशासन ने किन नियमों के तहत गोवंश के लिए सुरक्षित जमीन को कंपनी को दे दिया इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

सप्ताहभर में प्रशासन करें मामले की जांच नहीं तो करेंगे जन आंदोलन

तहसीलदार राकेश चौरसिया को ज्ञापन सौंपते हुए किसान समाज संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि सप्ताह भर के अंदर प्रशासन इस मामले की जांच करें। अगर प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता तो संगठन इसको लेकर जन आंदोलन करेगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

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