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उपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने किया औचक निरीक्षण तो खुल गई विद्यालय की पोल, तो भडक गए प्राचार्य, उपप्राचार्य, अनियमितताओं का शिकार शास.यशोदा बाई, गंदगी का अंबार, प्राचार्य के लिए बन रहा स्पेशल खाना, बुनियादी सुविधाएँ ठप्प

द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर। आज सिहोरा के उपनगर खितौला स्थित शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय में नगर पालिका उपाध्यक्ष शारदा तिवारी, पार्षद गौरा देवी विश्वकर्मा, पार्षद अंकुश नायक के साथ जनप्रतिनिधियों व गणमान्य जनों ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया तो विद्यालय में व्याप्त भारी अनियमितताओं की पोल खुल गई, पोल खुलता देख विद्यालय के प्राचार्य और उप प्राचार्य मैडम भडक उठे और पार्षद को ही नियमों का हवाला देने लगे और विद्यालय में निरीक्षण ना करने और कक्षाओं में प्रवेश पर भी रोकने का प्रयास किया गया जिसपर पार्षद और प्राचार्य व उपप्राचार्य के बीच तीखी नोक झोक भी देखने मिली ।


क्या था मामला
वार्ड नं 12 स्थित शासकीय यशोदा बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन कर रही एक बच्ची के माता पिता नही है। बच्ची अपने नाना नानी के पास रहकर अध्ययन कर रही है। जिससे शासन की बाल आर्शीवाद योजना अंतर्गत छात्रवृति के दस्तावेजों में प्राचार्य के हस्ताक्षर कराना था परंतु प्राचार्य द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जाने से बच्ची अत्याधिक परेशान थी और लगातार भटक रही थी परंतु प्राचार्य द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे थे साथ ही विद्यालय में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। छात्राओं के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाला बुनियादी सुविधाएँ शौचालय, साफ सफाई, शुद्ध पेयजल, बाथरूम की सफाई, पंखे, विधुत बोर्ड, सहित अनेक व्यवस्थाएँ ठप्प पड़ी थी, साथ ही जर्जर व्यवस्था पर विद्यालय प्रबंधन लगातार अनदेखी कर रहा था। जिसको लेकर विद्यालय की छात्राओं के अभिभावकों द्वारा नगर पालिका उपाध्यक्ष व वार्ड पार्षद से शिकायत की थी,

नीरीक्षण करने पहुंचे उपाध्यक्ष और पार्षद तो भड़क गए प्राचार्य और उपप्राचार्य
लगातार ठप्प व्यवस्थाओं की शिकायत पर वास्तविकता को जांचने जब नगर पालिका उपाध्यक्ष शारदा तिवारी पार्षद गौरा देवी विश्वकर्मा, पार्षद अंकुश नायक विद्यालय पहंुचे तो प्राचार्य विद्यालय से गायब थे तो जनप्रतिनिध्यों द्वारा जर्जर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जानने लगा तब उसी बीच उपप्राचार्य मैडम आ धमकी और पार्षद से ही नियम कानून बताते हुए कहा कि यह विद्यालय हमारा है। बिना अनुमति कैसे आपलोग यहां आ गए। जब जनप्रतिनिधयों ने कहा विद्यालय शासकीय है। और बच्चों के हक की लडाई है। आप इसीलिए डर रही है। कहीं पोल ना खुल जाए तब उपप्राचार्य और जनप्रतिनिधयों के बीच काफी नोक झोक के बाद प्राचार्य महोदय प्रकट हुए और दो टूक शब्दों में कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि वास्तविकता में विद्यालय प्रबंधन की कामचोरी का पूरा नजारा जनप्रतिनिधयों के सामने था। और लगातार अपनी कमियों और गलतियों से बचने का प्रयास विद्यालय प्रबंधन करते नजर आया और निरीक्षण के दौरान शौचालयों में लगा गंदगी का अंबार तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है।

जर्जर भवन, बंद पंखे और लटके विधुत बोर्ड जो किसी बड़ी अन्होनी का खुला इंतजार कर रहे है। और जिसपर विद्यालय प्राचार्य द्वारा कहा गया हम प्रयास कर रहे है। जबकि प्रयास किया गया होता तो नियम कानूनों का सहारा लेकर बचने का प्रयास विद्यालय प्रबंधन ना करता और ठप्प पड़ी व्यवस्थाओं में सुधार हो चुका होता ।

प्राचार्य के लिए बन रहा अलग खाना
निरीक्षण के दौरान चौकाने वाला खुलासा हुआ जहां मध्यान भोजन बनाने वालों ने पार्षद को बताया कि शाला के प्राचार्य के लिए स्पेशल आदेश पर स्पेशल अलग से खाना बनाया जाता है जो मध्यान भोजन में खाना नहीं खाते अलग अलग खाना स्वंय के लिए बनवाकर खाते हैं। जिससे साफ प्रतीत हो गया कि विद्यालय में किसका प्रबंधन चल रहा है।
नहीं सुधरी व्यवस्थाएँ तो होगा उग्र आंदोलन
नीरीक्षण के दौरान उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने विद्यालय प्रबंधन द्वारा व्यवस्थाओं पर सुधार ना कराने पर उग्र ओदांलन की चेतावनी दी है।

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