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शराब माफिया के आगे नतमस्तक सिहोरा आबकारी विभाग, चरणवंदना में लगे साहब भौकाली दिखा रहे आबकारी के कर्मचारी, वॉर से बिक रही शराब, अधिक दाम, अवैध पैकारियां, अवैध कच्ची शराब, अवैध अहाते और कार्यवाही के नाम पर साहब के फूल रहे हाथपैर

शराब माफिया के आगे नतमस्तक सिहोरा आबकारी विभाग, चरणवंदना में लगे साहब भौकाली दिखा रहे आबकारी के कर्मचारी, वॉर से बिक रही शराब, अधिक दाम, अवैध पैकारियां, अवैध कच्ची शराब, अवैध अहाते और कार्यवाही के नाम पर साहब के फूल रहे हाथपैर

द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर। इन दिनों सिहोरा का आबकारी विभाग पूरे सिहोरा में चर्चा का विषय बना है। क्योकि लगातार शिकायतों और अनियमितताओं के बाद भी आगाकरी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठकर शराब माफिया की चरवंदना में लगा है। लगातार अनेक मामले प्रकाश में आ रहे है। परंतु साहब को समय नहीं है। क्योंकी यहां साफ झलक रहा है। कौन नतमस्तक, और किसकी चरवंदना और कार्यवाहियां कहाँ चल रही है। पता नहीं क्योंकि साहब के ऑफिस में जब भी साहब का पता लगाने कोई जाता है। तो साहब तो गायब रहते है। क्योकि साहब कथरी ओढ़ गुड़ खाने में लीन रहते है और उपस्थित आबाकरी स्टॉफ ऐसा व्यवहार करता हैं और पूछतांछ तो ऐसी करते है। जैसे साहब इनके जेब में रखे हो और इनकों ही पूरा विभाग का जिम्मा है। और जिम्मेदारों के नंबर मांगने पर ऐसी भौकाली दिखाते है। जैसे बहुत बड़ी बड़ी कार्यवाही करके आए है। जबकी जमीनी हकीकत  पूरे सिहोरा में दिख रही है। की सिहोरा का समूचा आबकारी विभाग शराब माफिया के साथ मिलीभगत और सांठगांठ के साथ चल रहा है।
मामला 1
सिहोरा के एक निजी बार में शराब पिलाने के लिए लायसेंस मिला था परंतु आबकारी विभाग की ऐसी मेहरबानी है कि नाम ना छपने की शर्त पर नागरिकों ने बताया कि उक्त शराब वॉर में शराब परोसने के साथ साथ आबकारी की सांठगांठ से शराब बिक्री का खेल भी धडल्लें से चल रहा है। और आओ भगत में लगा आबकारी विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। या अनजान बनकर कार्यवाही करने के नाम पर हाथपैर फूल रहे है।
मामला 2
सिहोरा और आसपास के समस्त क्षेत्रों में मनमाने दामों पर एमआरपी से अधिक दामों पर शराब की बिक्री का खेल जोरों पर चल रहा है। और विभाग के जिम्मेदार साहब कहते है। कार्यवाही जारी है। जबकी इन शराब दुकानों पर ना रेट लिस्ट है। और ना कोई मापदंड धड़ल्ले से मनमाने दामों पर शराब बिक्री का खेल मिली भगत से धडल्ले से चल रहा हैं।
मामला 3
सिहोरा के अनेक वार्डों सहित अनेक गांवों में शराब माफिया सक्रिय है। और अवैध पैकारियां आबकारी की मिली भगत से संचालित हो रही हैं सूत्रों प्राप्त जानकारी के अनुसार सिहोरा के कंकाली मोहल्ला, वार्ड क्रं 9, वार्ड क्रं 1, पहरेवा, लखराम मोहल्ला, बरा मोहल्ला, अहित अनेक वार्डों सहित अनेक गांवों में शराब माफिया सक्रिय है। और जमकर अवैध पैकारियां संचालित हो रही है। और आबाकारी विभाग कुम्भकरर्णीय नींद में लीन है।
मामला 4
सिहोरा के नया मोहल्ला, पहरेवा, और लखराम मोहल्ला में अनेक कच्ची शराब की अवैध भट्टियां संचालित है। और इन्ही स्थानों पर कच्ची शराब धड़ल्ले से बिक रही है। और जिसकी जानकारी साहग को दी गई परंतु कार्यवाही के नाम पर आज दिनांक तक केवल दिखवा ही रहे है। क्योकि पहले से अधिक स्थानों पर घर घर अवैध कच्ची शराब की बिक्री जोरों से चल रही है। परंतु आबकारी के साहब कार्यवाही के नाम पर अंजान बनकर धड़ल्ले से शराब बिकवा रहे है।
मामला 5
सरकार द्वारा अहातों को बंद कर दिया गया परंतु सिहोरा की संचालित समस्त शराब दुकानों के आसपास अवैध रूप से अहातों टपरों का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है। और तो और शराब दुकान संचालकों पर साहब की तो ऐसी कृपा है। कि मनमाने दामों के साथ साथ शराब दुकान के पास ही शराब पीने की खुली छूट दे दी गई है। और इन सब को देखने सुनने वाला कोई धनीधोरी नहीं हैं
क्शेकि साहब को समय नहीं है। और साहब तो जबलपुर से आते जाते है। उनके पास समय कहां है। साहब तो अपडाउन में ही घंटों बर्वाद कर देते है। और ऐसे में कार्यवाही की क्या ही उम्मीद की जा सकती है।

ठेके बदले, खेल नहीं बदला

सिहोरा और मझोली क्षेत्र में शराब बिक्री को लेकर हालात जस के तस बने हुए हैं। ठेके बदलने के बाद भी दुकानों में पुराने जैसे ही हालात है। एमआरपी से अधिक दामों पर शराब बेची जा रही है, अवैध अहाते चल रहे है। शराब की धडल्ले से होम डिलेवरी हो रही है। कच्च्ी अवैध शराब धडल्ले से बिक रही है। अवैध पैकारियां संचालित हो रही है। और लगातार शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।
आबकारी वृत्त सिहोरा के अंतर्गत कुल 29 शराब दुकानें हैं, जिनमें से 27 के ठेके हो चुके हैं, जबकि दो दुकानें अभी होल्ड पर हैं। इसके बावजूद ओवररेटिंग, अवैध शराब, और कच्ची शराब पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं दिख रहा। वहीं सिहोरा और लमकना की दुकानों के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकानों में खुलेआम निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की जा रही है, आसपास अवैध अहाते और कच्ची शराब जमकर बिक रही है। जबकि जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, आबकारी अधिकारी का मुख्यालय से नदारद रहना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं साहब ने एक तकीया कलाम सीखा है और रटा रटाया जबाव देकर कन्नी काट लेते है। कि
एमआरपी से अधिक दाम पर बिक्री की शिकायत मिलने पर प्रकरण बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा जाता है और उसी आधार पर कार्रवाई होती है। और बाकी मै दिखवाता हँू अभी तो फील्ड पर ही था।
जबकि साहब की ऐसी कौन सी फील्ड चल रही की विभाग के कर्मचारियों को ही जानकारी नहीं रहती और विभाग टीम के ही साहब फील्ड पर डटे रहते है। और जानकारी मांगने पर कर्मचारी ही साहब का रूप धारण कर बड़ी बड़ी बातें बताने लगते है।
स्थानीय जनों ने कलेक्टर जबलपुर सहित आबकारी आयुक्त से मांग की है। जरा सिहोरा वाले साहब की मेहरबानियों पर ध्यान दे।

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