द न्यूज़9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा। लगातार सुर्खियां बटोर रहा सिहोरा का आबकारी विभाग फिर एक बार बाजारू चर्चा में है। क्योंकि आबकारी विभाग सिहोरा के जिम्मेदार साहब लापता है। क्योंकि साहब ने सिहोरा के अलावा और जिम्मेदारी भी अपने ही कंधो पर उठा रखी है। जिसके चलते साहब ज्यादा ही व्यस्त रहते है। हालत तो यह है विभाग में मौजूद स्टाफ ताक में खुद बैठा रहता है। कि शायद साहब आ जाये तो कहीं कार्यवाही में जाये परन्तु साहब है कि अकेले ही शराब माफिया के खिलाफ कार्यवाही पर निकल पड़ते है।
क्योंकि गत कुछ दिवस पूर्व जब साहब के कार्यालय पर जाकर साहब की जानकारी ली गई तो पता चला साहब आये नही है और समस्त स्टाफ ऑफिस में ही बैठा था जब साहब से संपर्क किया गया तो साहब ने बताया कि फील्ड पर हूँ । मझगवां साइड कुछ कार्यवाही करने जा रहा हूँ। तो ऐसे में सभी की समझ के परे है। कि साहब अकेले ही शराब माफिया से भिड़ने निकल पड़ते हैं । इससे साफ स्पष्ट है कि साहब किसको गोल गोल घुमा रहे है और कार्यालय में उपस्थित आबकारी प्रधान आरक्षक और स्टाफ का भौकाल तो सातवे आसमान को छूता है कार्यलय में घुसते ही वर्दी का ऐसा रौब की शिकायत करने वाला भी डर कर वापस लौट जाए और पूछताछ ऐसी जैसे इनने ही पूरा आबकारी का दारोमदार संभाल रखा हो।
खुद सिहोरा नहीं पहुँच रहे साहब ना किसी को कार्यवाही करने दे रहे।
सिहोरा आबकारी विभाग भगवान भरोसे ही चल रहा है। क्योंकि यहाँ तो देखने सुनने वाला कोई धनिधोरी नही है। हाल ही में गत दिवस कार्यवाही को लेकर जब आबकारी कंट्रोल रूम प्रभारी परमान्द कोरचे से चर्चा की गई तो उन्होंने जल्द कार्यवाही का आश्वासन देते हुए जबलपुर से किसी अधिकारी को भेजने की तैयारी की तो सिहोरा वाले साहब ने ना खुद कोई कार्यवाही करी ना जबलपुर से किसी अधिकारी को भेजकर कार्यवाही करने दी इससे तो बहुत कुछ सभी समझ गए होंगे कि साहब कितने नतमस्तक है
बोतल से सेट कर रहे पत्रकार
सिहोरा का भगवान भरोसे चल रहा आबकारी विभाग कार्यवाही के नाम पर तो लाचार है परंतु सिहोरा आबकारी विभाग की नाकामी पर पर्दा डालने लगातार नित नए प्रयोग और प्रयास किये जा रहे आबकारी की नाकामी उजागर ना हो सके इसके लिए नगर के पत्रकारों के पास अलग अलग व्यक्तियों द्वारा मिलने और मुलाकात कर लेने विभाग के द्वारा भेजा जा रहा और नाम ना छपने की शर्त पर विभाग के कर्मचारी ने बताया कि नगर के कुछ बोतलबाज पत्रकारों को सेट करने में विभाग को सफलता भी मिली है। जिनके बकायदा नाम भी विभाग के कर्मचारियों ने जानकारी में बताया है। जिसमें कुछ पत्रकारों को एमडी विस्की तो किसी को सिग्नेचर तो किसी को देशी में सेट भी कर लिया गया है। तो किसी को मनचाहा ब्रांड भी दिलाया गया है। तो कुछ पत्रकार कर्मचारियों के नाम पर देशी से ही सेट हो गए है। और दूरदर्शन देखने में लगे है।
सिहोरा में नौकरी जबलपुर से अपडाउन सरकारी गाडी जिंदाबाद
सिहोरा के आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जबलपुर में निवास करते है। और पदस्थापना सिहोरा में है। साथ ही दूसरे स्थानों का भी प्रभार पकड़ रखे है। और सरकारी गाड़ी का पूरा उपयोग किया जा रहा है। क्योंकि सरकार जिंदाबाद डीजल और भत्ता तो सरकार वहन कर ही लेती है। बिल तो पास हो ही जाएगें। और अपडाउन का खेल तो चलता रहा है।
आबाकारी कंटोलर जबलपुर से संपर्क कर और जानकारी चाही गई परंतु साहब से संपर्क नहीं हो सका।
आबकरी ने पकड़ा था गांजा बना दिया गया शराब का प्रकरण,
अगली ख़बर में होगा खुलासा
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