द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर। सिहोरा– सकल सवर्ण समाज द्वारा पुराने बस स्टेंड में प्रदर्शन नारेबाजी कर यूजीसी का काला कानून वापस लेने प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि हम भारत के शिक्षित नागरिक एवं समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी से संबंधित हाल ही में जारी अध्यादेश/नियमों के विषय में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। यह नियम शिक्षा व्यवस्था में समानता अवसरों की समान उपलब्धता तथा सामाजिक समरसता के सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होते हैं। इन नियमों के कारण उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्यनरत सवर्ण समाज के छात्रों में गहरी असंतोष की भावना उत्पन्न हो रही है। यह अध्यादेश न केवल वर्षों से चली आ रही पारदर्शी और संतुलित व्यवस्था को प्रभावित करता है बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य अनावश्यक विभाजन की स्थिति भी उत्पन्न कर रहा है। शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला होती है और इसमें लिए गए निर्णय दूरगामी प्रभाव डालते हैं। अतः इस प्रकार के आपसी जातिगत भेदभाव पैदा करने वाले अध्यादेश लागू किया जाना उचित नहीं है।अतःउक्त अध्यादेश/नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी इस अध्यादेश को उचित न मानते हुए इसके लागू करने पर तात्कालिक रोक लगाई है। जिसका हम सभी
स्वागत करते हैं।सर्वसम्मति से ऐसे नियम बनाए जाएं जो समानता,न्याय और गुणवत्ता पर आधारित हो। उच्च शिक्षा प्रणाली को राजनीति से ऊपर रखकर राष्ट्रहित मे निर्णय लिए जाएं। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश पांडेय,राकेश पाठक,अरुण जैन,नीरज गौतम, प्रवीण कुररिया,सुधीर अवस्थी,राजभान मिश्रा,एड आशीष ब्यौहार,एड अभिलाष तिवारी,एड कन्हैया बडगैया,एड अभिजीत पाठक,डब्बू पाठक,के के कुररिया,नंदकुमार परौहा,सुजीत कुररिया,अनिल कुररिया,अनिल जैन,आलोक पांडे,डॉ सतेन्द्र पांडे,संतोष पांडे, ब्रजमोहन पांडे,उमाशंकर अवस्थी,प्रदीप दुबे,नंदकिशोर बाजपेयी, टिक्कू दुबे सहित अनेक लोग उपस्थित थे।











