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हादसा हकीकत, जिम्मेदारियां, सिहोरा बस हादसा – मौतों पर सवाल,

हादसा हकीकत, जिम्मेदारियां, सिहोरा बस हादसा - मौतों पर सवाल,

द न्यूज 9 डेस्क। जबलपुर। सिहोरा। गत दिवस गौरी तिराहा में शराब के नशे में धुत बस चालक द्वारा अनियंत्रित बस को भंडारा स्थल पर लाकर लगभग 10 श्रृद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया था। जिसमें रायसिमरिया निवासी सिपाही लाल एवं रोली सोनी की मृत्यु हो जाने के बाद लगातार मौतों पर सवालों का दौर जारी है। कुछ तथाकथित सीधे सिहोरा पुलिस को निशाना बनाने में लगे है। तो कुछ प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाकर वाहवाही लूटने में लगे है। परंतु इस बीच एक सवाल तो यह भी खड़ा होता है। कि मृतकों के परिवारजनों के लिए सरकार से मुआवजा और उनके जीवन यापन और बेहतर भविष्य की किसी ने कल्पना की क्या या किसी ने आवाज उठाई हो। या ऐसी दुखद अन्होनी घटना फिर ना हो उसके सुधार के लिए किसी ने पहल की क्या।पता नहीं बस सवाल जिंदा है।

शांति समिति की बैठक और जिम्मेदारियां
नवरात्र के पूर्व सिहोरा थाना प्रांगण में सिहोरा नगर प्रशासन के मुखिया सिहोरा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पेन्द्र अहाके, नगर पालिका प्रशासन के मुख्य नगर पालिका अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ओझा, पुलिस प्रशासन सिहोरा अनुभाग के मुखिया आदित्य सिंधारिया आईपीएस, मप्र विधुत मंडल के अधिकारी और शासकीय सिविल अस्पताल  प्रभारी डॉ सुनील लटियार की मौजूदगी में नगर के गणमान्य जनों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित हुई जिसमें

मुख्य रूप से

नगर में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर सिहोरा के दोनों एंट्री प्वाइंट पर बेरियल गेट पूर्व की भांति लगाकर नगर प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा उस पर कार्य एवं निगरानी हेतु बात रखी गई जिसपर ना तो किसी प्रकार का नगर प्रशासन के जिम्मेदारों द्वारा आदेश जारी हुआ और ना नगर पालिका प्रशासन ने जारी नहीं हुए आदेश का पालन किया और ना ऐंट्री प्वाइंट पर बेरियल गेट लगाए, ना उनके कर्मचारियों का पूरे नवरात्र के दौरान किसी दुर्गा पंडाल पर उनके द्वारा किया गया निरीक्षण देखेन मिला, ना कर्मचारी दिखे,

बैठक में दुर्गा पंडाल और दुर्गा उत्सव समितियों को सुरक्षा के उपाय और प्रशासन की सहायता और सहयोग की बात रखी गई थी जिसपर नगर प्रशासन के मुखिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और नगर पालिका प्रशासन द्वारा नवरात्र पर्व के दौरान किसी भी दुर्गा पंडाल का ना तो निरीक्षण किया गया और ना सुरक्षा और व्यवस्थाओं के इंतजामों को अवलोकन किया गया।

बैठक में आवारा मावेशी और साफ सफाई, मझौली वासपास के ब्रेकर और वासपास में ब्रिज के पास विधुत व्यवस्था को लेकर लगातार बात गणमान्य जनों द्वारा रखी जाती रही जिसपर मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा बैठक में सभी को आश्वासन दिया गया था कि सभी कार्य कराए जाएगें परंतु किसी ने सवाल उठाया क्या कि नवरात्र पर्व के दौरान नगर कि साफ सफाई व्यवस्था चौपट क्यों थी, आवारा मावेशियों पर कार्यवाही वाली हाका गैंग कहां थी, आज दिनांक तक मझौली वासपास के ब्रेकर पर क्या सुधार हुआ और मझौली वायपास ब्रिज के नीचे विधुत व्यवस्था हुई या नहीं

बैठक में चल समारोह मार्ग पर झूलते विधुत के तारों को दुरूस्त कराने और नगर में मुख्य झंडा बाजार में फैले अतिक्रमण के जाल पर सुधार कराने की बात भी रखी गई थी क्या उनका निराकरण हो गया। अगर हो गया तो प्रतिमाओं के निकालने के दौरान विधुत तारों को डंडों के सहारे उपर नीचे क्यों किया जाता रहा।

अन्होनी बस दुघर्टना के समय मौजूदा स्थिती की बात और आरोप लगाने वालों ने यह नहीं सोचा की पूर्ण नवरात्र के दौरान केवल सिहोरा पुलिस अनुभाग के अधिकारी और सिहोरा पुलिस के साथ सहयोगी ग्राम रक्षा समिति के सदस्य मौके पर मौजूद रहें जिसमें ग्राम रक्षा समिति की सदस्य खूशबू वंशकार गंभीर रूप से घायल जीवन और मौत के बीच जूझ रही है। और उक्त घटना में पुलिस के ही एएसआई गिरी घायल हुए जिन्हे पैर और कमर पर चोटे हैं,  घटना के बाद नगर प्रशासन के मुखिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जबलपुर से सिहोरा पहुंचे  थे और घटना के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी शासकीय अस्पताल पहुंचकर देखरेख करते नजर आए थे। परंतु दुखद अन्होनी घटना के बाद जिम्मेदार नगर प्रशासन द्वारा क्या क्या सुधार हुआ पता नहीं, और सुधार की क्या पहल हुई पता नहीं।

तथाकथितों फर्जी लोगों की चालबाजी को समझे सिहोरावासी
सिहोरा और बाहर के कुछ व्यक्तियों द्वारा लगातार पुलिस प्रशासन की लापरवाही बताकर शांतिपूर्ण सिहोरा की फिजा को बिगाड़ने और जमकर सुर्खिया बटोरने के चक्कर में अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे है। और इन लोगों द्वारा लगातार पूर्व में भी ऐसा ही कृत्य करके जमकर सुर्खिया भी बटोरी है। और फिर इस बार अपने मंसूबों को साकार करने जमकर चालबाजी चल रहे हैं। ताकि शांतिपूर्ण महौल में खलल डालकर फिजा बिगाड़ने के मंसूबों पर सफल हो सके।

आर्थिक सहायता और सहयोग के नाम पर कौन आया आगे

विगत दिनों हुई दुखद अन्होनी घटना के बाद अभी तक किसी भी मृतक के परिजनों की आर्थिक हालत और उन्हे सरकार से किस किस योजना में क्या लाभ दिलाया जा सकता है। साथ ही सरकार द्वारा अधिक से अधिक आर्थिक सहायता प्रदान कराने किसी की जुबा पर आवाज नहीं है। बस संवेदनाओं, सांत्वनाओं  और मौतों पर सवाल का दौर जारी है।

फिर ना हो अन्होनी घटना किसने की पहल

उक्त घटना के बाद अलग अलग व्यक्तियों द्वारा अलग अलग अफवाहे फैलाकर जनमानस की भावनाओं को भड़काने का प्रयास लगातार किया गया परंतु नगर के प्रमुख्य मार्गो पर बेरियल लगाने, भारी वाहनों के अनाधिकृत प्रवेश और आवारा मावेशियों पर कार्यवाही, मुख्य मार्गो पर फैले अतिक्रमण के जाल, तहसील के समस्त जिम्मेदार अधिकारियों का मुख्यालय में रहककर कार्य ना करने जैसे अनेक गंभीर मुद्दों पर अभी तक किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा पहल नहीं की गई। केवल कुछ तथाकथित व्यक्तियों द्वारा शांतिपूर्ण सिहोरा की फिजा बिगाड़ने ऐडी चोटी से जोर दिया जा रहा है।

हमारा उद्धेश्य किसी व्यक्ति विशेष संस्था संगठन जाति धर्म की भावनाओं को ठेस पहंुचाना नहीं है। हमारा उद्धेश्य उक्त दुखद अन्होनी घटना के बाद सिहोरा हित में व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों पर सुधार लाकर शांतिपूर्ण सिहोरा के प्रति अपना अपना कर्तव्य और कार्याे के निर्वहन को ध्यान देना है।

क्योंकि सिहोरा के निवासी होने के नाते फर्ज आपका भी बनता है। सहयोग करें अफवाहों से बचें

 

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