किसानों की चेतावनी:- सिहोरा तहसील के किसानों के उड़े होश, कृषि पंप के बिल कम करने की मांग, नहीं तो बडा आंदोलन
द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा।
तहसील सहित आस-पास के किसानों को होश इन दिनों बिजली कंपनी के द्वारा भेजे गए बिल को देखकर होश उड़ गए हैं। किसान समाज संगठन सहित किसानांे का आरोप है कि उनके खेत में 3 एचपी का पंप कंुए व बोर में लगे हैं, लेकिन विभाग किसी को 5 तो किसी को 10 एचपी पंप का बिल भेज दिया है। किसानों को दिए जा रहे बिजली बिलों में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। जिससे किसानों में भारी आक्रोष देखा जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि पंप के लोड की पुनः जांच कर बिल कम करने की मांग की है, यदि ऐसा नहीं होता है तो किसान बडे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
केस 1
गोसलपुर फीडर के जुनवानी गांव प्यारी बाई पटेल ने अपने खेत के ट्यूबवेल में 5 एचपी की मोटर डाली हुई है। उनके मोबाइल पर बिजली कंपनी का मैसेज आया, मैसेज की लिंक खोलने पर 6 एचपी का बिल भेजा गया था।
केस 2
जुनवानी कला के किसान बलराम पटेल ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में 5 एचपी सबमर्सिबल पंप डाला था। गुरूवार को मोबाइल पर कृषि पंप के बिजली बिल का मैसेज आया। लिंक खोलने पर उसमें 9 एचपी का भार सत्यापन बताकर बिजली बिल भुगतान की अंतिम तिथि लिखी थी।
किसान समाज संगठन व भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी
कृषकों की समस्याओं को लेकर किसान समाज संगठन व भारतीय किसान यूनियन बिजली कंपनी के विरोध में आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन जबलपुर जिलाध्यक्ष एडवाकेट रमेश पटेल व किसान समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवान जितेंद्र ने आरोप लगाया है कि विद्युत कंपनियां अपनी कमियां स्वयं दूर करें अर्थात अपनी जवाबदेही तय करें पुराने तार मेंटेनेंस विहीन है। लगभग 50 वर्षों से लगे हुए हैं एवं लोड ऊपर से ही कम आ रहा है तो यह लोड उपभोक्ता के ऊपर क्यों डाला जा रहा है।
किसानों का आरोप, बिना जांच के बढा दिया लोड
किसानों को कहना है कि विद्युत विभाग द्वारा न तो उनके पंप कनेक्शन की जांच की जाती और न ही किसी प्रकार की सूचना दी दी जाती है। सीधे स्थाई पंप कनेक्शन धारियों का स्वीकृत भार बढ़ा कर एकाएक 3 एचपी के कनेक्शन धारी को 5 एचपी अथवा 10 एचपी का कनेक्शन धारी बनाकर उन्हें अधिक लोड बताकर ज्यादा राशि के बिल थमाए जा रहे हैं। जिसमें बताया जा रहा है कि उनके खेत में बोर या कुएं में 3-5 एचपी की मोटर डली हुई है, बावजूद इसके कंपनी ने उन्हें मनमाने तरीके से 10 एचपी के बिजली बिल भेज दिए गए।


















































































