द न्यूज 9 डेस्क।जबलपुर।सिहोरा। गोसलपुर क्षेत्र के धरमपुरा और हृदय नगर हार में प्लांट के तालाब में जमा गंदे और मटमैले पानी को रातोंरात कच्ची नहर में छोड़ दिया गया । पानी का बहाव तेज होने से कच्ची नहर कई जगह से फूट गई। गंदा और मटमैला पानी खेत में लगे रोपा (धान के पौधे) में भरने से बर्बाद हो गया। पीड़ित किसानों ने मामले की शिकायत सिहोरा तहसीलदार से की। करीब 70 से अधिक किसानों के खेतों में कीचड़ और मलबे के साथ पानी भरने से नुकसान होने का अनुमान है।
क्या है मामला
खिन्नी रोड पर जियोमिन कंपनी का प्लांट का गंदा और मटमैला पानी प्लांट के आगे बने तालाब में स्टोर होता है। प्लांट प्रबंधन ने तालाब में स्टोर खनिजयुक्त पानी को कच्ची नहर में छोड़ दिया। कच्ची नहर के कई जगह से फूटने पर गंदा और मटमैला पानी धर्मपुरा, हृदय नगर हर करीब 70 किसानों के खेतों में भर गया। खनिज युक्त पानी के साथ मलबे की परत जम गई। जिससे रोपा बर्बाद हो गया।
शिकायत लेकर किसान पहुंचे तहसीलदार के पास
जिला पंचायत सदस्य प्रदीप पटेल के साथ तहसीलदार के पास शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित किसान राजकुमार चौधरी, कपिल पटेल, राजेंद्र रजक, अमित साहू, दिलीप साहू, रतनलाल चौधरी, सुरेश चौरसिया, नरेश चौरसिया, शिवा चौरसिया, प्रकाश चौरसिया, भगवान दास राय, जितेंद्र चक्रवर्ती, ललित पटेल, दुर्जन प्रसाद चौरसिया, वीरेंद्र कुमार पटेल का आरोप था प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के के कारण उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्लांट प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करा कर मुआवजा दिलाया जाए।

राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे तहसीलदार
किसानों की शिकायत पर तहसीलदार शशांक दुबे ,पटवारी अमित कुररिया, राहुल तिवारी और आरआई नीरज पाटकर के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व अमले ने देखा कि हृदय नगर और धरमपुरा हार में तालाब का गंदा और कीचड़ युक्त पानी नहर फूटने से भरा था। कई खेतों में खनिज पदार्थ की परत जम गई थी फिलहाल राजस्व अमला सर्वे के काम में लगा है सर्वे के बाद ही यह पता चल सकेगा कि किसानों को कितना नुकसान हुआ है


































































































































































