द न्यूज 9 डेस्क जबलपुर। विशेष संवाददाता। धान उपार्जन में लगातार हो रही धांधली रोकने लगातार शासन-प्रशासन सख्ती से छापेमारी कर कार्यवाही में कर रहा है परंतु किसानों की आड़ में बिचौलिए मोटी मलाई डकारने और अपनी जेब गर्म करने के चक्कर में यूपी और पंजाब से सस्ते दामों में धान की खरीदी करके यहां बुलवाते हैं और खरीदी प्रभारी की सेटिंग से धान खफा देते हैं और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटकना पड़ता है जब कहीं जाकर खरीदी केंद्रों में किसानों की धान की तौल हो पाती है और यह बिचौलिए ट्रक के ट्रक सेटिंग करके किसानों के नाम से पंजीयन कराकर लंबी रकम में डाका डालते हैं
क्या है पूरा मामला——
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला जबलपुर एवं कटनी की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत धनगवां का है जहां शासकीय किसान सेवा केंद्र के गोदाम में भारी मात्रा में यूपी की धान स्टाक किए जाने की शिकायत पूर्व विधायक दिलीप दुबे ने कलेक्टर जबलपुर एवं एसडीएम सिहोरा सहित किसान सेवा केंद्र के प्रमुख अधिकारियों से की थी एसडीएम सिहोरा के निर्देशन पर का शासकीय किसान सेवा केंद्र धनगवां पहुंचे तहसीलदार राकेश चौरसिया नायब तहसीलदार राहुल मिश्रा, आर आई रामजी तिवारी, पटवारी जय करण पटेल एवं पंकज परौहा ने भारी मात्रा में यूपी की धान एवं परिवहन के उपयोग में लाए जा रहे ट्रकों को पंचनामा तैयार कर जप्त किया है
शासकीय खरीदी के पूर्व बिचौलियों ने बुलवा ली थी धान
किसानों की धान की उपज की शासकीय खरीदी का अभी किसी प्रकार का आदेश नहीं आया ना ही खरीदी केंद्र निर्धारित किए गए और ना ही खरीदी की तारीख में आई हैं उसके पूर्व पहले से ही धनगवां के बिचौलियों द्वारा भारी मात्रा में अवैध यूपी की धान सस्ते दामों में खरीदकर खपाने की फिराक में बुलवा ली गई थी
लगभग 10000 बोरी स्टाक की गई है यूपी की धाम
पूर्व विधायक दिलीप दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा जानकारी दी गई कि यूपी की लगभग 10000 बोरी धान धनगवां के शासकीय वेयरहाउस में रखी गई है जिसकी जानकारी लगने पर पूर्व विधायक दिलीप दुबे ने कलेक्टर जबलपुर सहित एसडीएम सिहोरा व अन्य अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और जब मौके पर तहसीलदार राकेश चौरसिया सहित प्रशासनिक अमले ने दबिश दी तो उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य एवं रसद विभाग की छाप वाली बोरियों सहित धान जप्त की गई
शासकीय वेयरहाउस में किसकी अनुमति से रखी है यूपी की धान
ऐसी जन चर्चा है कि शासकीय गोदामों और वेयरहाउस में धान या किसी भी उपज को रखने के लिए लिखित दस्तावेजों सहित अनुमति की आवश्यकता होती है कि कितनी शासकीय उपज गोदाम में पूर्व से रखी है और कितनी निजी रखी जा रही है परंतु ग्राम पंचायत धनगवां के शासकीय वेयरहाउस में पूरा मामला ही उल्टा नजर आया यहां तो उल्टी गंगा बहती नजर आई ना तो किसी लिखित दस्तावेज या अनुमति की बात सामने आई और ना ही किसी प्रकार के दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत किए गए और बिचोलिये अपनी सफाई देते बस नजर आ रहे थे।
ड्राइवर ने कहा विनय असाटी की है धान
पूर्व विधायक दिलीप दुबे की शिकायत पर पहुंचे प्रशासनिक अमले ने जब शासकीय बेर हाउस में दबिश देकर पंचनामा तैयार करते हुए पूछताछ की और जानकारी जुटाई तो एमपी 20E 2367 और mp 20 G9677 के चालक बच्चु चक्रवर्ती और मोहम्मद अतीक ने पंचनामा में बयान देते हुए बताया कि धान धनगवां के विनय असाटी की है और उन्हीं के कहने पर लोड़ की है जो सिहोरा में सतीश असाटी के गोदाम में खाली करना है
अचानक कैसे प्रकट हुए किसान
चर्चा का विषय बनी भारी मात्रा में स्टाक की गई यूपी की धान को जब जप्त करने पहुंचे प्रशासनिक अमले सहित पूर्व विधायक की उपस्थिति में कार्यवाही चलती रही तब वहां सब अपनी कन्नी काटते रहे और बिचौलिए द्वारा किसानों की धान होने का दावा किया जाता रहा और कार्यवाही तक किसी किसान का नाम सामने नहीं आ रहा था और अचानक देर शाम को कुछ किसान प्रकट होकर अपनी धान होने का दावा करने लगे ऐसे में कलेक्टर जबलपुर सहित एसडीएम सिहोरा को इसकी गंभीरता से जांच कराना चाहिए कि जिन किसानों ने अपनी धान होने का दावा किया है उसकी अनुमति है या नहीं और अनुमति है तो शासकीय गोदाम में उत्तर प्रदेश की छाप वाले बोरे और धान यहां के किसानों की कैसे हैं और है भी तो जब कार्यवाही चल रही थी तो अपनी धान का दावा करने वाले किसान कहां थे और उनके अनुमति सहित प्रमाणित दस्तावेज कहां थे इसकी जांच कर कलेक्टर एवं एसडीएम को बिचौलिए पर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए
धनगवां के किसान उत्तर प्रदेश में कर रहे खेती वाली बात हजम नहीं होती
कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश की छाप वाली मिली बोरियों में भरी धान का दावा कर रहे किसानों की बात किसी को हजम नहीं हो रही है क्योंकि कार्यवाही के दौरान तो दावा करने वाले किसान नजर नहीं आए और देर शाम अपनी धान होने का दावा करने वाले किसान या तो उत्तर प्रदेश में खेती करते हैं या साफ-साफ बिचौलियों द्वारा सेटिंग करके धान खपाने की फिराक में बुलाई गई थी क्योंकि धनगवां के किसान उत्तर प्रदेश में खेती करते हुए यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है
तू तू मैं मैं का चलता रहा दौर
प्रशासनिक अमले ने हजारों कट्टी धान जप्त कर उत्तर प्रदेश समर्थन मूल्य खरीदी के बार दाने आदि का पंचनामा कर जब जप्त कर रहे थे तभी पूर्व विधायक दिलीप दुबे और बिचौलियों के बीच जमकर तू तू मैं मैं होती रही वहीं पूर्व विधायक ने कहा कि किसानों के हक के लिए मैं लड़ता रहा हूं और लड़ता रहूंगा किसी किसान के हक को मरने नहीं दूंगा और अन्याय बर्दाश्त नहीं करूंगा इस मामले में जब तक निष्पक्ष पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही नहीं होगी मैं पीछे नहीं हटूंगा इसके लिए मुझे सड़क पर भी आना पड़ा तो मैं तैयार हूं


















































































